एनआईटी राउरकेला ने इंस्ट्रूमेंटेशन पर पहले आईईईई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की
प्रेस विज्ञप्ति: एनआईटी राउरकेला,
राउरकेला, 24 जुलाई, 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला ने इंस्ट्रूमेंटेशन पर 1st IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (INSTCon 2026) का उद्घाटन किया। दो दिवसीय इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा IEEE इंस्ट्रूमेंटेशन एंड मेजरमेंट सोसाइटी (IMS) राउरकेला चैप्टर के तत्वावधान में, IEEE राउरकेला सब-सेक्शन और IEEE कोलकाता सेक्शन के सहयोग से किया जा रहा है। यह सम्मेलन 24-25 जुलाई 2026 को आयोजित हो रहा है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राउरकेला स्टील प्लांट के कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं), श्री सुदीप पाल चौधरी उपस्थित रहे। एनआईटी राउरकेला के प्रभारी निदेशक प्रो. प्रदीप सरकार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उद्घाटन सत्र में प्रो. पूनम सिंह (अध्यक्ष, IEEE राउरकेला सब-सेक्शन); प्रो. उमेश चंद्र पति (जनरल चेयर, INSTCon 2026 एवं अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग); प्रो. प्रवात कुमार राय (अध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग); और सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रो. सौगत कुमार कर एवं प्रो. सप्तरषि चटर्जी के साथ-साथ भारत और विदेशों से आए संकाय सदस्य, शोधकर्ता, छात्र और प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, प्रो. उमेश चंद्र पति ने बताया कि सम्मेलन में भारत और विदेशों से 1,630 शोध पत्र (पेपर्स) प्राप्त हुए थे। एक कठिन समीक्षा प्रक्रिया (peer-review) के बाद 306 शोध पत्रों को स्वीकार किया गया। सम्मेलन में सात तकनीकी ट्रैक शामिल हैं, जिनमें 115 पत्र प्रत्यक्ष (physical) मोड में और 60 पत्र ऑनलाइन मोड में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसके अलावा, एक प्लेनरी व्याख्यान, पांच कीनोट व्याख्यान, चार आमंत्रित वक्तव्य, और IEEE वुमेन इन इंजीनियरिंग (WIE) तथा IEEE स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप ऑन ह्यूमैनिटेरियन टेक्नोलॉजी (SIGHT) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक पैनल चर्चा भी इसमें शामिल है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री सुदीप पाल चौधरी ने उद्योग 4.0 (Industry 4.0) और उद्योग 5.0 (Industry 5.0) के युग में इंस्ट्रूमेंटेशन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सटीक सेंसिंग और विश्वसनीय माप ही इंटेलिजेंट सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, रक्षा और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ हैं। इस्पात उद्योग में अपने अनुभवों को साझा करते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे स्मार्ट सेंसर, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, डिजिटल ट्विन्स, मशीन लर्निंग और रियल-टाइम एनालिटिक्स औद्योगिक कार्यों को बदल रहे हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को सहयोग और नवाचार (इनोवेशन) के लिए इस सम्मेलन का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में, प्रो. प्रदीप सरकार ने इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों में इंस्ट्रूमेंटेशन के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया और भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों से इस सम्मेलन को शोध परिणामों को व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक तकनीकों में बदलने के साथ-साथ भारतीय अनुसंधान के लिए वैश्विक सहयोग और दृश्यता (visibility) बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में उपयोग करने का आह्वान किया।
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण INSTCon 2026 ल्यूमिनरी अवार्ड्स (Luminary Awards) का वितरण था। यह पुरस्कार प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को इंस्ट्रूमेंटेशन और मेजरमेंट के क्षेत्र में उनके जीवनभर के योगदान के लिए सम्मानित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। सम्मेलन में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक नेतृत्व में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं: प्रो. डी. पत्रनाबिश (जादवपुर विश्वविद्यालय) प्रो. सिद्धार्थ सेन (आईआईटी खड़गपुर) प्रो. सुगत मुंशी (जादवपुर विश्वविद्यालय) प्रो. टी. के. दान (एनआईटी राउरकेला) प्रो. पी. के. दत्ता (आईआईटी खड़गपुर) प्रो. वी. जगदीष कुमार (आईआईटी मद्रास)
उद्घाटन सत्र का समापन सम्मेलन की कार्यवाहियों (conference proceedings) के विमोचन के साथ हुआ, जो शिक्षा जगत और उद्योग के सामूहिक शोध योगदान को प्रदर्शित करता है और INSTCon 2026 के तकनीकी सत्रों के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक है।





