स्टाफ नर्स की लापरवाही से हुई कुत्ते की मौत

स्टाफ नर्स की लापरवाही से हुई कुत्ते की मौत

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचेर के धरमपूर पंचायत के भेरूबनीया ग्राम से एक हृदय बिदारक घटना प्रकास में आया है, जहाँ एक लूलू नामक पालतू कुत्ते ने अपने स्वामी की जान बचाने के लिए एक बिषैले साँप से लड़ते हुए अपने प्राण निक्षावर कर दिए। 


यूँ तो कुत्ते स्वामीभक्त के लिए जाने जाते है।यह घटना इस बात का प्रत्यक्ष प्रामाण है कि लूलू नामक एक पालतू कुत्ते ने जब यह देखा कि घर में एक बिषैला साँप प्रवेश कर रहा था तो उसने साँप को घर में प्रवेश करने से रोका और इसी बात को लेकर साँप और कुत्ते के बीच जंग छिड़ गई। इस जंग का परिणाम यह हुआ कि साँप घर में प्रवेश ना कर सका लेकिन सर्प दंश से कुत्ते को पीडा हुई। कुत्ते के मालिक ने जब यह देखा तो उसे फौरन निकट के स्थानीय पशु अस्पताल लेकर गया। जहाँ जीवन रक्षक इंजेक्शन उपलब्ध ना होने के कारण डाक्टर ने उसे से उसे मंड़पाल पशु अस्पताल रेफर कर दिया गया। पर वह कुत्ते की जान न बचा सका। जिसका जिम्मेदार वह उस स्टाफ नर्स को मानता है जिसने डाक्टर के पर्चे के अनुसार कुत्ते को इंजेक्शन देने से साफ इंकार कर दिया, और इलाज में हुई इस लापरवाही की वजह से लूलू की जान चली गई।