शिक्षा विभाग में हुए 15 साल पहले भ्रष्टाचार में दो गिरफ्तार
प्रेस विज्ञप्ति - 15 वर्ष पुराने ₹2.70 करोड़ के स्कूल फर्नीचर खरीदी प्रकरण में अनियमितता, शासन को ₹67.15 लाख की आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सहित दो आरोपी गिरफ्तार,
प्रकरण के मुख्य बिंदु—
• वर्ष 2010-11 में कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान), अम्बिकापुर को अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत सूरजपुर एवं बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर खरीदी हेतु ₹2.70 करोड़ का आवंटन प्राप्त हुआ था।
• प्रकरण में वर्ष 2017 में अपराध क्रमांक 28/2017 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
• जिला कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, अम्बिकापुर द्वारा तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, अम्बिकापुर के अनुमोदन उपरांत पंजीकृत फर्मों को CSIDC की निर्धारित दरों पर फर्नीचर क्रय एवं आपूर्ति हेतु क्रय आदेश जारी किए गए थे।
• विवेचना में संजय पटेल द्वारा संचालित मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन तथा आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अम्बिकापुर की भूमिका सामने आई।
• विवेचना में पाया गया कि मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन के माध्यम से फर्नीचर की वास्तविक आपूर्ति किए बिना आपूर्ति दर्शाकर बिल प्रस्तुत किए गए तथा उनके आधार पर शासकीय राशि का भुगतान प्राप्त किया गया।
• मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन से संबंधित उक्त अनियमित भुगतान एवं वास्तविक आपूर्ति नहीं किए जाने के कारण शासन को कुल ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति होना पाया गया।
• विवेचना में अन्य फर्नीचर आपूर्तिकर्ताओं द्वारा भी आपूर्ति में अनियमितता किए जाने तथा तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय द्वारा उनसे भी कमीशन लिए जाने के संबंध में तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।
• वर्ष 2010-11 से संबंधित लगभग 15 वर्ष पुराने इस प्रकरण में विस्तृत विवेचना एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वर्तमान कार्रवाई की गई है।
प्रकरण की संपूर्ण विवेचना में तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, अम्बिकापुर सत्यप्रकाश पाण्डेय (एस.पी. पाण्डेय) तथा संजय पटेल, संचालक मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा की भूमिका सामने आई।
विवेचना में पाया गया कि संजय पटेल द्वारा मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन के नाम से फर्म संचालित की जा रही थी तथा आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अम्बिकापुर का संचालन भी उसी के द्वारा किया जाता था। मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन द्वारा वास्तविक रूप से फर्नीचर की कोई आपूर्ति नहीं की गई। इसके बावजूद फर्नीचर की आपूर्ति दर्शाकर बिल तैयार कर प्रस्तुत किए गए और उनके आधार पर शासकीय राशि का भुगतान प्राप्त किया गया। विवेचना में यह भी सामने आया कि प्राप्त भुगतान में से संजय पटेल द्वारा अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय को दी गई, जिसके संबंध में साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार सत्यप्रकाश पाण्डेय एवं संजय पटेल द्वारा आपसी षड्यंत्र एवं मिलीभगत से वास्तविक आपूर्ति के बिना बिलिंग एवं भुगतान की प्रक्रिया कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जाना पाया गया। उक्त कृत्य के कारण शासन को ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति हुई।
प्रकरण की विवेचना में यह भी सामने आया है कि अन्य आपूर्तिकर्ताओं द्वारा की गई फर्नीचर आपूर्ति में भी अनियमितताएं की गई थीं तथा सत्यप्रकाश पाण्डेय द्वारा उनसे कमीशन प्राप्त किए जाने के संबंध में तथ्य प्राप्त हुए हैं। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका, की गई वास्तविक आपूर्ति, प्राप्त भुगतान एवं कथित कमीशन की राशि के संबंध में अग्रिम विवेचना जारी है।
प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा सहपठित धारा 120-बी, 420 एवं 409 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पाए गए हैं।
आज दिनांक 19.08.2026 को आरोपी सत्यप्रकाश पाण्डेय (एस.पी. पाण्डेय), तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा तथा आरोपी संजय पटेल, संचालक मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
प्रकरण की अग्रिम विवेचना जारी है।





