विहिप द्वारा चौरासी कोशी परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण
अवध धाम(हनुमान मंडल) चौरासी कोसी परिक्रमा के पड़ाव स्थलों का व्यवस्था की दृष्टि से विश्व हिन्दू परिषद् के टोली के द्वारा निरीक्षण किया गया। विश्व हिन्दू परिषद् के जिला अध्यक्ष तथा मंदिर अर्चक पुरोहित गोरक्ष प्रांत संपर्क प्रमुख तथा चौरासी कोसी परिक्रमा के सह संयोजक दिनेश मिश्र, धनंजय मिश्र, लवकुश शुक्ल, डॉ विनोद कुमार शुक्ल प्रदीप पांडेय, मनीष, रोहित के द्वारा परिक्रमा से संबंधित आवश्यकता और व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। दिनेश मिश्र ने कहा कि अध्यात्मिक राष्ट्र भारत की सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या है।ऋषि मुनियों ने श्रीराम तीर्थ स्थल की सीमाओं का निर्धारण कर प्राचीन काल से चौरासी कोसी परिक्रमा का विधान किया था। चौरासी कोसी परिक्रमा से चौरासी योनियों के भव बंधन से मुक्ति मिलती है। हनुमान मंडल अयोध्या के लाल झंडे पर अंकित होंगे।बस्ती जनपद में परिक्रमा का आगमन 12 अप्रैल 2025 तदनुसार चैत्र शुक्ल पूर्णिमा शनिवार 2082को दोपहर बाद कारसेवक पुरम अयोध्या से मखौड़ा के लिए प्रस्थान करेगी। मखौड़ा में परिक्रमा का आगमन हैदराबाद, सिकंदर पुर शाम 4 से 5 बजे के मध्य होगा। मखौड़ा में परिक्रमा का विश्राम बेरता चौराहा पर स्थित मंगलम बैंक्वेट हॉल में होगा। यहां पर परिक्रमा विश्राम की व्यवस्था में राम बहादुर ओझा, विमलेंद्र मिश्र, परशुराम पुर प्रखंड अध्यक्ष राजेश मिश्र रहेंगे।13 अप्रैल 2025 रामगढ़ होते हुए रामरेखा मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। दोपहर विश्राम रामगढ़ फत्ते में राहुल तिवारी और उनके टोली द्वारा किया जाएगा। शाम 6 बजे रामरेखा मंदिर पर पहुंच कर रात्रि विश्राम करेगी। यहां की व्यवस्था रामरेखा मंदिर के महंत श्री दयाशंकर जी महाराज के द्वारा किया जाएगा। परिक्रमा में आने वाले संतों की संख्या लगभग 500 रहने की संभावना है। 14 अप्रैल 2025 को प्रातः हनुमान बाग के लिए प्रस्थान करेगी। हनुमान बाग में रात्रि विश्राम के पश्चात 15 अप्रैल 2025 को प्रातः पूरेओरी राय होते हुए सरयू नदी पार कर ऋंगरिषि आश्रम पहुंचेगी।





