विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा धरातल पर उतरकर अपने घर को मजबूत करने में जुटी

विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा धरातल पर उतरकर अपने घर को मजबूत करने में जुटी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा धरातल पर उतरकर अपने घर को मजबूत करने में जुट गई हैं। इसकी तैयारी के लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों का सहारनपुर जनपद में बड़ा सम्मेलन 20 सितंबर को करने के लिए जिला एवं महानगर भाजपा संगठन को निर्देशित किया है। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बतौर मुख्य अतिथि होंगे। यह शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन का आयोजन सँगठन के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चुनावी धरातल को ठोंक परखने के साथ ही भाजपा के चुनावी शंखनाद के रूप में भी देखा जा रहा है। हमेशा भाजपा सहारनपुर जनपद की एक नम्बर विधानसभा क्षेत्र बेहट से ही अपने चुनावों का शंखनाद पवित्र तीर्थ स्थल माता शाकंभरी मंदिर परिसर क्षेत्र से ही करती आई है। आगामी कार्यक्रम इसकी तैयारी है। 

सहारनपुर में 20 सितंबर को आयोजित होने वाले शक्ति संयोजक सम्मेलन के आगामी रूपरेखा को लेकर चिंता और मंथन का दौरा जारी है वही जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा द्वारा पार्टी के उच्च पदधिकरियो से निरन्तर विचार विमर्श के साथ कार्यक्रम को असली रूप देने के लिए प्रतिबद्ध नजर आते है। राजनीतिक तौर पर सम्मेलन को पश्चिमी यूपी में जातीय समीकरण, भाजपा के कोर वोटर में नाराजगी, किसान मुद्दे और स्थानीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति चुनावी नतीजों के प्रभाव पर भी मंथन करना है। वही भाजपा नेतृत्व शक्ति केंद्र संयोजकों के जरिए इन मुद्दों की जमीनी स्थिति समझने के साथ संगठन की कमजोर कड़ियों की पहचान कर सकता है। वही नगर के सँगठन के भीतर चल रही घमासान भी इस सम्मेलन के लिए किसी चुनोती से कम नही है, वही सम्मेलन चुनावी रणनीति की शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की एक रूपरेखा तैयार करनीहै। भाजपा की रणनीति के तहत बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया गया है। पश्चिमी यूपी में ऐसे करीब 4800 शक्ति केंद्र हैं। देखा जाय तो प्रत्येक शक्ति केंद्र पर संयोजक की भूमिका के साथ संबंधित बूथों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय ओर पार्टी के कार्यक्रमों, मतदाता संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते रहना हैं। ऐसे में हजारों संयोजकों का एक मंच पर जुटना भाजपा के लिए सीधे बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा का अवसर होगा। सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नवीन बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। फिलहाल जिले में यह कार्यक्रम कहां होगा समय और स्थान को लेकर अभी मंथन जारी है, वही पूरे कार्यक्रम को लेकर नगर सँगठन में फिलहाल नकारात्मकता अवश्य देखी जा रही है जहां जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अग्रसर है वही नगर सँगठन में नीरसता का माहौल है कार्यकर्ताओ की सन्गठन से दूरी के बाद उनको भाजपा से जोड़ना भी एक चुनोती से कम नही, रबड़ स्टाम्प की तरह संचालित नगर का सांगठनिक ढांचा किस प्रकार छिन्न भिन्न है इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं है। सबसे बड़ी बात भाजपा के नगर सँगठन में भाजपा की नीतियों को प्रचारित प्रसारित करने वाले प्रवक्ताओं का ही पता नही फिलहाल नगर सँगठन हाशिये पर है । कार्यक्रम में कई भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुख्यमन्त्री, प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष जैसे नेताओ के आने की भी संभावना है।