वकील की पुश्तैनी संपत्ति पर अवैद्य कब्जा पुलिस पर मिली भगत का आरोप
धरमेंद्र कुमार सिंह (रिपोर्टर)
अश्विनी कुमार, एडवोकेट, निवासी 10/3/29 कोटिया, (ठाकुर रामजानकी मंदिर, रामजन्म भूमि वी0वी0आई0पी0 गेट नं0 11 के सामने) निकट धर्मकांटा अयोध्या ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अयोध्या में मेरा पैतृक मकान में ही पूर्वजों द्वारा स्थापित मंदिर है। जिसके मालिक उनके दादा मिश्रीलाल की मृत्यु के बाद चाचा कमल चन्द्र व पिता प्रेमचन्द्र हैं, जो वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं। अश्विनी कुमार अपने पैतृक मकान पर रहते हैं।
अश्विनी कुमार के दादा मिश्रीलाल ने रामजीवन दास को पूजा-पाठ व देख-रेख हेतु रखा था। दादा मिश्रीलाल की मृत्यु के बाद मेरे चाचा कमलचन्द्र ने भी रामजीवन दास को पूजा-पाठ हेतु रखा तथा रामजीवन की मृत्यु 2017 में होने के पश्चात उनके पुत्र रामबली प्रजापति उर्फ रामबलीदास निवासी 2/3/74, बाग बिजेसर, अयोध्या(मूल निवासी सीतामढ़ी बिहार), जिसके कुल 9 पुत्र-पुत्रियां हैं, दयाभाव से मंदिर में पूजा-पाठ हेतु कर्मचारी के रूप में पुजारी नियुक्त किया। अश्विनी कुमार भी अपने पैतृक मकान पर ही रहते हैं तथा मकान व मंदिर की देख-रेख मकान में रहकर ही करते हैं तथा फैजाबाद कचहरी में वकालत करते हैं। माह जनवरी में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से ही बगल स्थित बलिया बाबा रामउदार दास के मंदिर में रामजानकी दास नाम का दुर्दान्त अपराधी जो अपना नाम व भेष बदलकर अयोध्या में रह रहा है, जिसका कार्य लोगों का मकान मंदिर हड़पना है। रामजानकी दास ने शान्ति भवन, दुराही कुऑ को भी हडप़ने के लिए वहॉ के भोले-भाले साधुओं पर फर्जी दस्तावेज बनाकर मुकदमा चला रहा है, ने रामबली प्रजापति के साथ मिलकर मेरे मकान व मंदिर को हड़पने की नीयत से दिनांक 20 मार्च 2024 को मेरे घर में घुसकर धमकी दिया व मोबाइल छीनने तथा अॅगूठी लूटने का प्रयास किया, जो मेरे घर में लगे सी0सी0टी0वी0 कैमरे में कैद हो गयी। 21 मार्च को रामजन्मभूमि पुलिस को वीडियो तथा प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। 20 अप्रैल 2024 को रामजानकी दास ने रामबली प्रजापति तथा 10-12 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मेरे मकान के सभी कमरों के ताले तोड़ डाले व मकान व चैम्बर में लूट की घटना की तथा बक्से, कानूनी किताबे, जेवर, चेन अंगूठी तथा चैम्बर में रखे 25000रू0 लूट ले गये और मुझे जान से मारने की कोशिश की।





