राज्य सरकार के फैसले से नाखुस आँगनवाडी कर्मी

राज्य सरकार के फैसले से नाखुस आँगनवाडी कर्मी

राजीव कुमार ( संवाददाता )

बिसरा : आंगनवाडी़ महिला श्रमिक संघ ने   आंगनवाडी कर्मियो को बिना कोई सुरक्षा उपकरण प्रदान किए कोरोना मरिजो की पहचान के लिए घरघर जाने का बिरोध जताते हुए 24 मई से आंगनवाडी कर्मियो को कोरोना मरीजो के पहचान के लिए प्रत्येक घर में जाने का बिरोध जताया है।

इस बाबत आंगनवाडी श्रमिक संघ की ओर से अपनी समस्याओ को प्रस्तुत करते हुए जिलाआयुक्त को बिसरा खंड विकास अधिकारी के माध्यम से लिखित रूप में जानकारी दी है। आंगनवाडी कार्यकर्ताओ का कहना है कि हमे विभिन्न संचार माध्यमो से पता चला है, राज्य सरकार के आदेशानुसार इस महिने की 24 तारीख से स्वास्थ्य कर्मियो,आशाकर्मियो के साथ आंगनवाडी कर्मियो को भी कोरोना मरिजो की पहचान के लिए प्रत्येक घरो में जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेनी होगी।पर कोरोना से बचाओ के लिए हमे हमे दास्ताने,सेनीटाइजर,पीपीई किट,जैसे सुरक्षा उपकरण प्रदान ना किए जाने से मरीजो के संपर्क में आ कर हम पर भी संक्रमित होने का खतरा है। उन्होने अपने पत्र मे इस बात का भी उल्लेख किया है कि अंगनवाडीयो को भी इस काम के लिए आशा कर्मियो और स्वास्थ्य कर्मियो की तरह अतिरिक्त राशी का भुगतान किया जाए साथ ही कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाए,और हमारा भी 50 लाख का बीमा करवाया जाए व मृत्यु उपरांत परिवार वालों को ७५०० रूपये पेंशन के रूप में दिया जाय .ताकि इस दौरान किसी की मृत्यु होने पर उनके घर वालो को आर्थिक मदद मिल सके।
आंगनवाडी कर्मियो की मांग-
1.आंगनवाडी कर्मियो को कोरोना योद्धा का दर्जा प्राप्त हो और उनका बीमा करवा जाए।

2. कोरोना से संवंधित कार्य करने के लिए अतिरिक्त राशी प्रदान किया जाए ।

3.आंगनवाडी़ कर्मचारीयो को सुरक्षा के लिए मास्क,सेनिटाइजर, व अन्य सुरक्षा उपकरण प्रदान किया जाए।

4.पिछले वर्ष टीएमसी दायित्व में रहे तथा प्रवासियो के नीरीक्षण कार्य में लगाए गए आंगनवाडी कर्मियो को उनके परिश्रमिक राशी का भुगतान किया जाए।

5.प्रत्येक घरो में जाकर खाद्ध पदार्थो के बंटन के लिए परिवहन खर्च प्रदान किया जाए।