भारत नेपाल सीमा सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु संयुक्त गश्त एवं समन्वय बैठक संपन्न
भारत–नेपाल सीमा सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु संयुक्त गश्त एवं समन्वय बैठक संपन्न.
धर्मेंद्र सिह (व्यौरोचीफ)
श्रावस्ती में आज दिनांक 17 अक्टूबर 2025 को अमरेन्द्र कुमार वरुण, कमान्डेंट, 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा की अध्यक्षता में सीमा चौकी सुईया में नेपाल APF, श्रावस्ती पुलिस एवं एसएसबी के बीच संयुक्त समन्वय बैठक एवं सीमा गश्त का आयोजन किया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती राहुल भाटी, 62वीं वाहिनी एसएसबी भिनगा की ओर से गोबर्धन पुजारी, उप कमान्डेंट, अमित शर्मा, सहायक कमान्डेंट, एवं राजकुमार, सहायक कमान्डेंट उपस्थित रहे। नेपाल APF की ओर से शोवकान्त खनेल, पुलिस अधीक्षक, बिक्रममणि अधिकारी, उपाधीक्षक, निरीक्षक दशरथ अधिकारी, सुशील केसी, एवं हिमाल थापा उपस्थित थे।
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम, सूचनाओं का आदान-प्रदान, संयुक्त गश्त एवं आपसी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने सीमा पर होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सतत निगरानी रखने और सूचनाओं को तत्काल साझा करने पर सहमति बनाई।
बैठक के पश्चात त्योहारों के दृष्टिगत सीमा क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास बनाए रखने हेतु संयुक्त गश्त का संचालन किया गया। इस गश्त में नेपाल APF, एसएसबी और श्रावस्ती पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारीगण शामिल रहे। गश्त के दौरान सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जाँच की गई, क्षेत्रीय सुरक्षा का अवलोकन किया गया तथा आवश्यकतानुसार स्थानों का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु सीमा पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने, संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की नियमित चेकिंग और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर साझा करें, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में जनसहयोग को प्रभावी रूप से जोड़ा जा सके।
इस कार्यक्रम के माध्यम से इंडो-नेपाल बॉर्डर पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय की भावना को और मजबूत किया गया, जिससे सीमा सुरक्षा अधिक सुदृढ़, प्रभावी और नागरिकों के प्रति न हो सुरक्षा में चूक।





