प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर अग्रसेन स्पंज के तीन यूनिट सील
सतीश शर्मा (उप संपादक)
प्रदूषण नियंत्रण नियमों का लगातार उल्लंघन करने के आरोप में ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (ओएसपीसीबी) के राउरकेला क्षेत्रीय कार्यालय ने शनिवार (18 जुलाई) को कांसबहाल क्षेत्र में मंडियाकुदार स्थित अग्रसेन स्पंज के तीन यूनिट सील कर दिया है।
ओएसपीसीबी के अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण वैज्ञानिक एवं राउरकेला क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अनुप कुमार मलिक के निर्देश पर यह कार्रवाई एक साथ तीन स्थानों—पीएलसी कंट्रोल रूम, कच्चा माल फीडिंग प्वाइंट तथा 33 केवी विद्युत आपूर्ति केंद्र—पर की गई।
बोर्ड के अनुसार, उद्योग वायु एवं जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत निर्धारित शर्तों का उल्लंघन कर संचालित हो रहा था। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह कड़ी कार्रवाई की गई।
ओएसपीसीबी की टीम ने स्थानीय प्रशासन, टीपीडब्ल्यूओडी तथा पुलिस की उपस्थिति में सीलिंग की कार्रवाई पूरी की। सील किए गए स्थानों पर नोटिस भी चस्पा किया गया है, जिसमें बोर्ड की अनुमति मिलने तक किसी भी प्रकार का संचालन शुरू नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्योग प्रबंधन को कमियों को दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही डी-सीलिंग के लिए आवेदन करने को कहा गया है। बोर्ड ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक ठोस अपशिष्ट एवं फ्लाई ऐश के अवैध डंपिंग के मामलों में विभिन्न उद्योगों एवं संस्थानों से लगभग 1.80 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में वसूले गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राउरकेला क्षेत्रीय कार्यालय ने 41 उद्योगों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें 31 उद्योगों को सील, 100 उद्योगों को कारण बताओ नोटिस तथा 7 उद्योगों को संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। विशेष रूप से उन उद्योगों पर निगरानी रखी जा रही है जो अनुमति की शर्तों का उल्लंघन कर ठोस अपशिष्ट, फ्लाई ऐश एवं अन्य खतरनाक पदार्थों का अवैध निस्तारण कर रहे हैं।
बोर्ड ने राउरकेला, राजगांगपुर, कुआरमुंडा, कलुंगा और बोनाई क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
डॉ. अनुप कुमार मलिक ने कहा कि निर्धारित समय के भीतर यदि उद्योग अपनी कमियों को दूर नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।





