पुस्तक मेले के अवसर पर की गई साहित्यिक बैठक

पुस्तक मेले के अवसर पर की गई साहित्यिक बैठक

राउरकेला पुस्तक मेले की 7वीं शाम को गोपबंधु पुस्तकालय व स्वस्ति साहित्य संसद की संयुक्त साहित्यिक बैठक।

आदर्श पुस्तकालय द्वारा आयोजित राउरकेला पुस्तक मेले की सातवीं संध्या में गोपबंधु पुस्तकालय एवं स्वस्ति साहित्य संसद के तत्वावधान में साहित्यिक बैठक का आयोजन किया गया ।

बैठक के प्रथम चरण में नवघन साहू की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि के रूप में महेंद्र कुमार पटनायक और मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर शंकर प्रसाद त्रिपाठी ने आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के बीच संबंधों पर चर्चा की और कहा कि "आधुनिक शिक्षा ने मानव को भावनाहीन मशीनों में कैसे बदल दिया है।" .  उपाध्यक्ष विभु भूषण दास ने मंच संचालन किया जबकि कोषाध्यक्ष लक्ष्मण नाथ दास ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 द्वितीय चरण में प्रो. गिरिजा शंकर गोस्वामी की अध्यक्षता एवं सुश्री अशोक पटनायक के समन्वय से काव्य महोत्सव का आयोजन किया गया।  डॉ. रासिंधु नायक ने सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया और एक भाषण दिया।  विजयिनी जेना, विजयलक्ष्मी पटनायक, बलराम राउल, कनकलता मिश्रा, अजीत मोहन पुजारी, चंद्रावती दास, रश्मि साहू, स्मिता पटनायक, मिंकेतन पशायत, शुचस्मिता पांडा, बॉबी महालिक, गौतम दास, अजय कुमार मोहंती, स्मिता मिश्रा, सार्थक प्रसाद साहू ने प्रमुख मुखर कविताओं का पाठ किया, जबकि बिष्णु मोहंती ने मनमोहन मिश्रा की एक समकालीन कविता का पाठ किया और अंत में एक संगीत इंजी. अजीत मोहन पुजारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
 कार्यक्रम में गोपबंधु पुस्तकालय व स्वस्ति साहित्य संसद दोनों के सैकड़ों सदस्यों सहित शहर की कई साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।