पुलिसप्रशासन व सामाजिक संगठनों के सहयोग से शांतिपूर्ण रही रथयात्रा
ओड़िशा के प्रमुख त्यौहारो में से एक रथयात्रा लाॅकडाउन के वजह से पूरी धाम को छोड़कर अन्य स्थानों पर दो साल नही निकलपाई थी।
इस वर्ष धूमधाम से ओड़िशा के बडे़ शहरो के साथ ग्रामांचलो में भी रथयात्रा का पालन पूरे उत्साह के साथ किया गया।
पुलिस प्रशासन व समाजिक संगठनो का सहयोग
एक ओर जहाँ किसी भी अनहोनी से निपटने, भीड़ को नियंत्रित करने,ट्राफिक व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए शहर की पुलिस प्रशासन मुस्तैद थी। वही रथ का संचालन करने, प्रसाद वितरण मंदिर की साफ सफाई, व अन्य कार्यो के लिए शहर की कई सामाजिक संगठनों ने अपना योगदान दिया।
चिकित्सीय सुविधा
रथयात्रा के दौरान किसी भी स्थिति में चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए रथयात्रा के साथ साथ एबुंलेस भी चल रही थी।

रथयात्रा के दौरान रिंगरोड़ में वाहनो का जाना वर्जित था
रथयात्रा और बहुडा़यात्रा के दौरान राउरकेला के सेक्टर तीन स्थित मंदिर के निकट से आमबगान के गुंडी़चा तक रिंगरोड़ में वाहनो का प्रवेश वर्जित किया गया था जिसकी कमान पुलिस कर्मचारीयो ने अपने हाथों में ले रखी थी। दोनों ही रथयात्रा के दौरान पुलिस के कई आला अधिकारी भीड़ के बीच उपस्थित थे। रथयात्रा के मार्ग में किसी तरह की बाधा उत्पन्न ना हो इसके लिए रिंगरोड़ में पुलिस द्वारा वाहनो का जाना वर्जित किया गया था।
गुंडीचा से जगन्नाथ मंदिर तक मार्ग पर प्रभु के दर्शन के लिए भक्तो की जबर्दस्त भीड़ थी ऐसा लगता था कि प्रभु के मार्ग पर जन सैलाब आगया हो।





