पुत्र के जन्म लेते ही उसी अस्पताल में चल बसा पिता
मातम में बदली पुत्र के जन्म की खुशी, अस्पताल के शौचालय में गई पिता की जान
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
ओडिशा सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर सरकारी अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात घटी मार्मिक घटना से मानव जीवन की प्राकृतिक अनिश्चितता एक बार फिर उजागर हुई। अपनी पत्नी का प्रसव कराने आए व्यक्ति का बहुत ही दुखद तरीके से उसी अस्पताल में पुत्र के जन्म के पांच-छह दिन बाद ही मृत्यु हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुत्रा प्रखंड अंतर्गत ज्ञानपाली पंचायत के भेलुआडीही निवासी अनिल कुजूर (32) ने 3 अगस्त के दिन अपनी पत्नी पॉलिना लाकड़ा को प्रसव के लिए राजगांगपुर सरकारी चिकित्सालय के शिशु एवं मातृ विभाग में भर्ती कराया था। गत शुक्रवार 4 अगस्त को सर्जरी के माध्यम से पॉलिना ने एक बेटे को जन्म दिया।
बेटे के जन्म के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था और सभी खुश थे। शुक्रवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाती और वह अपने नवजात पुत्र और पत्नी के साथ घर लौटने वाला था। लेकिन उससे ठीक पहले बृहस्पतिवार की रात उसकी अस्पताल के शौचालय में मौत हो गई। रात को लगभग साढ़े 11 बजे महिला अस्पताल के वार्ड नंबर-25 में अनिल कुजूर की पत्नी और नवजात सो रहे थे तभी अनिल शौच के लिए पास के शौचालय में गया। कुछ देर बाद जब उक्त वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज के परिजन शौचालय गए तो देखा कि अनिल वहां बेसुध होकर
पड़ा हुआ है। उन्होंने अस्पताल के कर्मियों को इसकी जानकारी दी। लेकिन जब तक डॉक्टर ने अनिल की सेहत की जांच की तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विडंबना यह है नवजात शिशु ने अपनी आंखें ठीक से खोलकर पिता को देख भी नहीं पाया था कि उसके पिता ने हमेशा के लिए अपनी आंखें बंद कर लीं। इसे देखकर अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों की आंखें आसुओं से भर गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और यूडी केस दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल पाएगा।





