पीडब्लूडी के लिए आफत बना विश्रामगृह का सागौन कांड

पीडब्लूडी के लिए आफत बना विश्रामगृह का सागौन कांड

पीडब्लूडी के लिए आफ़त बना रेस्ट हाउस का सागौन कांड अभियंता एम.के.जैन की भूमिका संदिघ्ध।

पुरानी कहावत है कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है उक्त कहावत को चरितार्थ करते पी.डब्लू.डी. के अभियंता एम के जैन, घटना है बीते 24 सितंबर को  वन मंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में आनेवाले निर्माणाधीन लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में वन विभाग की टीम ने मुखबिर के हवाले से मिली सूचना को आधार बना कर छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध सागौन लकड़ी जब्त की थी। वन विभाग को सूचना मिली थी कि पेंड्रारोड गुरुकुल के नए बन रहे विश्राम गृह में बिना किसी वैध दस्तावेज जंगल से अवैध रूप से काट कर लाई हुई गैर कानूनी सागौन की लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है। लकड़ी की क़ीमत कई लाखों में है मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लकड़ी से बने दरवाजे, खिड़कियां, फाटक और अन्य फर्नीचर जब्त किए हैं। वन विभाग की कार्रवाई के दौरान मौके पर लोक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी या अभियंता मौजूद नहीं था। जबकि साइड इंजीनियर के रूप में एम.के जैन विभाग की तरफ़ से नियुक्त है। कहा जाता है कि उक्त कार्य उनकी देखरेख में चल रहा था और उन्हें  भारी मात्रा में इस अवैध रूप से जंगल से काट कर लाई जा रही सागौन लकड़ी की पूरी जानकारी थी, विभागीय सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार विभागीय इंजीनियर एम.के जैन विगत कई वर्षों से डिवीजन में पदस्त है। लगभग सभी बड़े काम उन्हीं के देखरेख में चल रहे है या कराये गये है इनके द्वारा  कराये गये कार्यों की जाँच की सक्त आवश्यकता है विभाग में काम करने वाले एक दो ठेकेदार इनके बहुत चहेते है जिनके लिए ये काम ,विभाग और विभागीय नियम को अपनी जुती की नोक पर रख कर लेते है। सूचना के अधिकार से निकला पेंड्रा बसंतपुर मार्ग घोटाला तो है ही अगर विश्रामगृह ,आत्मानंद स्कूल, वेंकटनगर मार्ग, गौरेला बाइपास, वार्षिक  बीटी पेंच के कार्यों की जाँच हो जाये तो महादेव सट्टा और शराब घोटाले से भी बड़ा घोटाला भ्रष्टाचार उजागर होगा इसकी सौ प्रतिशत गारंटी है बस देखना है कि ये जाँच करवाता कौन है ।