पत्रकारिता का बेहद संयमपूर्ण निर्वहन आवश्यक - अनुप्रिया पटेल

इस वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों के लिए किया गया है। मंत्री जी ने इस वार्तालाप कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में केवल छह जनपद में ही ऐसा कार्यक्रम हो पाया है। उनमें से मिर्जापुर में वार्तालाप अब तक दो बार हो चुका है। गौरतलब है कि इससे पूर्व गत वर्ष नवंबर में जनपद के लालगंज तहसील में वार्तालाप का कार्यक्रम हुआ था। उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी कहा। भारत सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पत्रकारों की महती भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि कई सारे पात्र लाभार्थी योजनाओं के लाभ से जानकारी के अभाव में वंचित रह जाते हैं। अतः ऐसे लोगों को योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देना आपका महती कर्तव्य है।
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पत्रकारिता की रूपरेखा पर उन्होंने प्रकाश डालते हुए बताया कि पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि तथ्यपरक खबरों को जनता तक पहुंचाना आपकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अनुप्रिया पटेल ने मोदी सरकार में विकास की बहती गंगा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज देश के विभिन्न आयामों में विकास हो रहा है चाहे वह स्थापत्य क्षेत्र हो या सड़क निर्माण, या मेट्रो कनेक्शन हो या रेलवे का विकास। उन्होंने पत्र सूचना कार्यालय की ओर से आकस्मिक आपदा के शिकार हुए पंजीकृत एवम मान्यताप्राप्त पत्रकारों के लिए पत्रकार कल्याण योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली सहायता राशि का भी जिक्र किया।
इस वार्तालाप कार्यक्रम में मीरजापुर की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वार्तालाप के माध्यम से पत्रकार साथियों की समस्याओं तथा उनके समक्ष पत्रकारिता करते हुए आई चुनौतियों पर व्यापक विमर्श किया जाएगा। उन्होंने पत्रकारिता को निष्पक्ष तथा पारदर्शी होने के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता जनता की समस्याओं को प्रतिबिंबित करती है। वहीं इस कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर आए केंद्रीय संचार ब्यूरो लखनऊ के निदेशक मनोज कुमार वर्मा ने वार्तालाप को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से पत्रकारों के लिए सरकार से सीधे जुड़ने का साधन बतलाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार सरकार एवं जनता के मध्य सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक प्रसारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार की आंख और कान के रूप में कार्य करती है और प्रतिक्रिया प्राप्त करने व जमीनी स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन के संबंध में चिंताओं को दूर करने के लिए इस तरह का समन्वय आवश्यक है। तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि खबर की प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए पीआईबी फैक्ट चेक की प्रणाली अपनाई गई है। किसी भी तथ्य की पुष्टि करने के लिए पीआईबी की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।

कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरीय प्राध्यापक डॉ बाला लखेंद्र,केंद्रीय संचार ब्यूरो, लखनऊ, उत्तर प्रदेश के निदेशक मनोज वर्मा, श्याम सुंदर केशरी,नगर पालिका अध्यक्ष मिर्जापुर, वरिष्ठ पत्रकार अमरेश मिश्र, पूर्व सूचना अधिकारी डा.नरसिंह राम, डा.लालजी और पीआईबी वाराणसी के मीडिया एवम् संचार अधिकारी प्रशांत कक्कड़ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
वरिष्ठ पत्रकार एस एम सबाह ने बदलते दौर में पत्रकारिता के स्वरूप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा की। वरिष्ठ पत्रकार अमरेश मिश्र ने अपने क्षेत्र में पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका की सराहना की। उन्होंने एक मंच पर विधायिका, कार्यपालिका और पत्रकारों को एकजुट करने के लिए पीआईबी को धन्यवाद दिया। वरिष्ठ पत्रकार श्याम मोहन उपाध्याय ने पत्रकारों को निर्भरता पूर्वक पत्रकारिता करने की सलाह दी। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सीबीसी वाराणसी के अधिकारी डा. लालजी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पसूका वाराणसी के भारत भूषण तिवारी और प्रदीप राजभर,शिव कुमार झा, बिनीत तथा सीबीसी लखनऊ के लक्ष्मण शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





