नशीली दवाओं के मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
बिलासपुर पुलिस का अंतरराज्यीय एक्शन: नशीली गोलियों के मुख्य सप्लायर को यूपी के मथुरा से दबोचा, ट्रांजिट रिमांड पर भेजा जेल
बिलासपुर पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की जड़ पर प्रहार करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मामले में ‘एंड-टू-एंड’ विवेचना के तहत सीपत थाना और ACCU (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में दबिश देकर मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय तस्करों की निशानदेही पर खुला नेटवर्क ।
इस कार्रवाई की शुरुआत 11 सितंबर 2026 को हुई थी, जब मुखबिर की सूचना पर सीपत पुलिस ने ग्राम गुड़ी (लोनिया पारा) निवासी तीन आरोपियों—उग्रसेन लोनिया (60), मुकेश कुमार लोनिया (30) और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा (31)—को पकड़ा था। उनके कब्जे से 4,743 नग प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल व टैबलेट (कुल वजन 2,495.64 ग्राम) और दो मोबाइल जब्त किए गए थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹19,17,930 आंकी गई थी। तीनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मथुरा तक पहुंची पुलिस
पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि ये स्थानीय तस्कर उत्तर प्रदेश के मथुरा से प्रतिबंधित दवाएं मंगवाते थे। सप्लायर की पहचान राहुल अग्रवाल के रूप में हुई।
उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मथुरा के गोविंद नगर में घेराबंदी कर आरोपी को उसके ठिकाने से हिरासत में लिया।
आरोपी की पहचान राहुल अग्रवाल (46 वर्ष), पिता महेश चंद अग्रवाल, निवासी गोविंद नगर, मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपी ने बिलासपुर में नशीली दवाओं की खेप भेजने का जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया और स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर बिलासपुर लाकर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशे के अवैध सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।





