नशाखोरी और इससे होने वाले अपराध का समाधान क्या है
राउरकेला के बहुचर्चित तुफान बिंधानी हत्याकांड का कारण बना वह अड्डा। जहाँ आरोपी नशा का सेवन करते थे, राउरकेला पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया है।और आरोपीयों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की यह कार्यवाही स्वागत योग्य है। पर क्या इससे इस समस्या का हल हो गया। क्या भविष्य में ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी।क्या राउरकेला में नशे के आदी हो चुके लोग, नशा सेवन नहीं करेंगे।
यह एक यक्ष प्रश्न है। जो हर किसी के मन में उठ रहा होगा। यहाँ पिछले दिनों जिला कलेक्टर द्वारा अंग्रेजी शराब के 35 दुकानों को लाइसेंस दिया गया। शहर व आसपास के अंचलों में कई स्वीकृति प्राप्त बार है। यही नहीं राउरकेला शहरांचल और शहर से लगे इलाकों में कई अवैध ढावे चल रहे है, जहाँ देर रात तक शराब छलकता रहता है। यहाँ कई फास्टफुड़ स्टाल, राशन की दुकानें, छोटे मोटे नाश्ते की दुकान ऐसी है, जहाँ खुलेआम शराब बिकता है।इन दुकानों की जानकारी पुलिस को भी है।
मतलब साफ है, कि नशाखोरी का स्थान बदलेगा, और नशापान करने वालों की संख्या में, दिन दुगनी रात चौगनी बढोत्तरी होगी। और पुलिस रिकार्ड को खंगाला जाए तो, सड़क दुर्घटना, चोरी, छिनतई , हत्या,जैसे अपराध को अंजाम देने वाले ज्यादातर लोग नशाखोरी करने वाले होते है।
कुछ दिनों से राउरकेला पुलिस द्वारा डकैती की योजना बनाते कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से हथियारों के अलावा शराब की बोतलें भी मिली। यही नहीं कई बार ऐसी खबरें भी देखने, सूनने को मिलती है, कि, फलां युवक नशे का आदी था,और अपने नशे की खुराख पूरी करने के लिए फलां अपराध को अंजाम दे दिया। ऐसे ही अपराध कई बार समुह में किया जाता है। मतलब साफ है। योजना बनाकर किसी अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी किसी ना किसी नशीली पदार्थ का सहारा लेते है। या यह कहना गलत नहीं होगा कि, ऐसे अपराधी नशे के आदी होते है। ऐसे में यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है, कि क्या इसका सामधान, प्रशासन के पास है, या फिर वही कहानी दोहराई जाती रहेगी कि । कलेक्टर शराब ठेकों के लाइसेंस बांटेंगे। सरपंच शराब निवारण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। और पुलिस शराब पी कर वाहन चलाने वलों से जुर्माना वसुल करेगी।





