नवरात्रि उत्सव पर हिंदू राष्ट्र समन्वय समिती सतर्क
नवरात्रि उत्सव के दौरान हिंदू युवतीओं के लिए 'आई एम दुर्गा' (मैं दुर्गा हूँ) अभियान ! लवजिहाद रोकने हेतू डांडिया में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित की मांग !
पणजी, गोवा (करण सुधाकर समर्थ : आयएनएन भारत मुंबई-गोवा) नवरात्रि उत्सव के अवसर पर, हिंदू जनजागृति समिति ने विभिन्न देशों में हिंदू युवाओं के लिए एक विशेष 'आई एम दुर्गा' अभियान शुरू किया है। हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने यह जानकारी दी।
गोवा में दो स्थानों पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। चंपी वेंकटेश भट हॉल (श्री महालसा नारायणी मंदिर, मर्डोल, पोंडा के पास) और श्री महालसा अपार्टमेंट गेस्ट हाउस में प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, तिराले, उसगांव स्थित श्री गुरुदेव देवस्थान समिति मंडप में प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे तक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में लाठी और ननचक (nunchucks) के इस्तेमाल का प्रशिक्षण और साथ ही धर्म (धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों) की शिक्षा भी शामिल होगी। पंद्रह वर्ष से अधिक आयु की युवतियां इन प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेने की पात्र हैं। यह प्रशिक्षण निःशुल्क है।
अभियान के लिए पंजीकरण, दिए गए QR कोड को स्कैन करके या पंजीकरण लिंक का उपयोग करके किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें:
www.hindjagruti.org/hindi/navratri-festival
(जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते और माथे पर तिलक नहीं लगाते, उन्हें नवरात्रि के दौरान डांडिया कार्यक्रमों में प्रवेश न दें)
हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने 9 अक्टूबर को यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपील की कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते, माथे पर तिलक नहीं लगाते और 'वंदे मातरम' का पाठ नहीं करते, उन्हें नवरात्रि उत्सव के दौरान डांडिया खेलने के लिए प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘स्वराज्य गोमंतक’ संगठन (मापुसा) के श्री सिद्धार्थ मांद्रेकर, ‘हिंदू युवा शक्ति’ के श्री विनोद वरखंडकर, ‘गोमंतक मंदिर महासंघ’ के जयेश थाली और सुजन नाइक, हिंदू जनजागृति समिति के सत्यविजय नाइक, श्रीमती सुजाता कामत (विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति विंग की प्रमुख), और श्रीमती नीता मडकईकर व श्रीमती अक्षता वेरलेकर (मातृशक्ति कोऑर्डिनेटर, विश्व हिंदू परिषद) मौजूद थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सत्यविजय नाइक ने कहा, “नवरात्रि का त्योहार 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। हाल ही में, अगसैम पुलिस ने बिहार की एक 15 साल की नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया—जिसे उत्तरी गोवा से अगवा किया गया था—और संदिग्ध मोहम्मद अरबाज को गिरफ्तार किया। इसी बीच, वेरना पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई है जिसमें आरोप है कि एक 21 साल के मुस्लिम युवक ने 16 साल की हिंदू लड़की को चार बार गर्भवती किया और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। गोवा में लड़कियों के अपहरण और ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ रहे हैं।” इस पृष्ठभूमि में, जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते, माथे पर *तिलक* (सिंदूर का निशान) नहीं लगाते और ‘वंदे मातरम’ का पाठ नहीं करते, उन्हें नवरात्रि त्योहार के दौरान *डांडिया* खेलने के लिए प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। इसके लिए, आयोजन समिति को कड़े नियम बनाने चाहिए और उनके बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए। नवरात्रि समिति को *डांडिया* खेलने आने वालों के आधिकारिक पहचान पत्रों की जांच करनी चाहिए और उन्हें कार्यक्रम स्थल में प्रवेश देने से पहले उनके माथे पर *तिलक* लगाना चाहिए। श्री जयेश थाली ने ‘लव जिहाद’ पर रोक लगाने के लिए गोवा में धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून की आवश्यकता पर जोर दिया। सुजान नाइक और सुजाता कामत ने नवरात्रि उत्सव के दौरान डांडिया में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया। सिद्धार्थ मांद्रेकर ने पूछा, "गोवा में धर्मांतरण-विरोधी कानून के प्रस्ताव का विरोध करने वाले लोग, राज्य में पिछले हफ्ते हुई ‘लव जिहाद’ की घटना पर चुप क्यों हैं ?"





