धन के लोभ में दोहरे हत्याकांड़ का सनसनीखेज खुलासा

धन के लोभ में दोहरे हत्याकांड़ का सनसनीखेज खुलासा

राउरकेला पुलिस द्वारा अर्थ के लोभ में सुनियोजित तरीके से एक के बाद एक कर दो हत्याकांड़ कारीत करने का खुलासा करते हुए आरोपियों को अपने गिरफ्त में ले लिया है।राउरकेला पुलिस मुख्यालय उदित नगर में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में पुलिस अधीक्षक राउरकेला एवं सुंदरगढ़ ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि। 

दिनांक 12.02.2025 को शिकायतकर्ता ऐजुब कंडुलना,पुत्र स्वर्गीय जयमासी, कंडुलना, ग्राम-तुमकेला, थाना- चांदीपोष, राउरकेला ने चांदीपोष थाने में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग -143 के किनारे धनतावरी ओवर ब्रिज के पास लगभग 25 से 30 वर्ष की एक अज्ञात आधी जली और गर्दन कटी हुई महिला का शव पड़ा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर चांदीपोष (राउरकेला) थाना मामला संख्या 17, दिनांक 12.02.2025 यू/एस-103(1)/238(ए) बीएनएस पंजीकृत किया गया और सबिंता पात्रा,थाना प्रभारी निरीक्षक चांदीपोष थाना ने मामले की जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच के दौरान मृत महिला की पहचान स्थापित करने के लिए सभी कदम उठाए गए। इसी बीच दिनांक 15.02.2025 को रघुनाथ पल्ली थाने में बिनोद कुमार दारुका (64) पुत्र श्रीनिवास दारुका, एटी-डी/4/1, सिविल टाउनशिप, राउरकेला, थाना- रघुनाथपाली के लापता होने से संबंधित एक गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। जिसके बाद में दिनांक 15.02.2025 को बिनोद कुमार दारुका का शव कुतरा थाना, जिला- सुंदरगढ़ के अंतर्गत टुनमुरा के पास एक गांव की सड़क पर पड़ा मिला।इस संबंध में सबसे पहले कुतरा थाना में यूडी केस दर्ज किया गया था, कुतरा थाना यूडी केस संख्या 06/2025, दिनांक 15.02.2025 जिसे कुतरा थाना केस संख्या-34/2025, दिनांक 19.02.2025 यू/एस-140(2)/103(1) बीएनएस में बदल दिया गया। शव की पहचान होने के बाद मृतक बिनोद कुमार दारूका और मृतक महिला पासुमर्थी दीपा की मौत के बीच संबंध का पता चला।
आगे की जांच के दौरान, यह पता चला कि मृतक महिला पासुमर्थी दीपा, जो तीन बच्चों की मां थी, पिछले लगभग 07 वर्षों से राउरकेला के सिविल टाउनशिप में बिनोद कुमार दारुका के कार्यालय में नौकरानी के रूप में काम कर रही थी। मामले में मुख्य आरोपी महिला राधा स्वैन मृतक पासुमर्थी दीपा की छोटी बहन है और इन दोनों हत्याओं के पीछे की मास्टरमाइंड है। उसने बिनोद दारुका का अपहरण करने और बदले में फिरौती मांगने के लिए 8 महीने से एक साजिश रची थी। हालांकि, चूंकि उसकी बहन योजना में बाधा साबित हुई, इसलिए उसने योजना में सुधार किया और उसे किसी अन्य बहाने से फंसाया और उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसके पेय में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर दिनांक 11.02.2025 को उसका अपहरण कर लिया। जब उसे संभालना मुश्किल साबित हुआ तो आरोपी घबरा गए उन्होंने शव को फेंक दिया और उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरा जलाने की कोशिश की, लेकिन ईंधन खत्म हो जाने पर वे फरार हो गए।

दिनांक 12.02.2025 को बिनोद दारुका को पता चला कि दिनांक 11.02.2025 की शाम से पासुमर्थी दीपा लापता है और उसने उसकी माँ और बहन से उसके बारे में पूछताछ शुरू कर दी। आरोपी बेरहम थे और उन्होंने फिरौती की मांग को जारी रखने के लिए कुछ और लोगों का इंतजाम किया और किसी और बहाने से बिनोद दारुका का अपहरण करने की योजना बनाई।
बाद में, दिनांक 14.02.2025 को, आरोपी राधा स्वैन ने मृतक को खोजने के लिए बिनोद दारुका को अपने साथ अपनी क्रेटा गाड़ी में चलने के लिए फुसलाया। उसने एक झूठा दावा किया कि वह कुआरमुंडा इलाके में रह रही है। जब वे मौके पर पहुँचे, तो बिनोद दारुका को बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया और उसके बाद पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा गया। जब कुछ ही समय में पैसे नहीं मिले, तो आरोपी बेचैन हो गए और दारुका से छुटकारा पाने की योजना बनाई। उन्होंने उसके सिर में गोली मार दी और टोल नाकों से बचने के लिए राएबोगा रोड से कुतरा की ओर चले गए और कुतरा थाने के अंतर्गत टुनमुरा गाँव के पास एक सड़क पर उसका शव छोड़ दिया और पास के इलाके में उसकी क्रेटा गाड़ी भी छोड़ दी।

डीआईजी पश्चिमी रेंज के निर्देशन में कुतरा थाना, चांदीपोश थाना और रघुनाथपल्ली थाना अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था, जिसमें उपखंड़ पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बोनई और अपर पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) पीएस नायक के अधीन पुलिस अधीक्षक सुंदरगढ़ और पुलिस अधीक्षक राउरकेला का समग्र नेतृत्व था। जांच के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण, मृतक की बहन राधा स्वैन के अस्पष्ट बयानों और सावधानीपूर्वक स्पॉट साक्ष्य संग्रह और मुख्य आरोपी महिला राधा स्वैन के मोबाइल फोन के संबंध में सीडीआर के विश्लेषण के आधार पर, गहन पूछताछ के बाद मामला प्रकाश में आया। सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई और टीमों ने उन्हें पकड़ना शुरू कर दिया। वैज्ञानिक अधिकारी और एफएमटी की राय ने अपराध के तरीके को निर्धारित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खोजी कुत्ते की सेवाएं भी ली गईं। हथियार, मृतक दीपा के फोन और सिम कार्ड के साक्ष्य की खोज ने एक ठोस मामला सुनिश्चित किया है।

इस मामले में पुलिस ने निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है 
गिरफ्तार आरोपी व्यक्ति:

चांदीपोष पीएस मामला संख्या 17/25 में -

(1) राधा स्वाईं (30) पत्नी-सोमनाथ स्वाईं, पता- मंटोला बस्ती, सिविल टाउनशिप, थाना- रघुनाथ पल्ली, राउरकेला

(2)मनोज दास (20) पुत्र-स्वर्गीय नाथू दास, पता-बीएन सिंह कालोनी,गुरूटोला,वेदव्यास,थाना-ब्रह्मणी तरंग, राउरकेला, जिला-सुंदरगढ़, 

(3) युवराज पासवान (21) पुत्र- राज किशोर पासवान, स्थान- गोपबंधुपाली, वार्ड नंबर-04, थाना- प्लांटसाइट, राउरकेला।

(4)शेख आसीस (22),पुत्र-शेख इब्राहिम, पता-गोपबंधूपाली, वार्ड नंबर -4,थाना-प्लांट साइट, राउरकेला।

(5) सूरज कुमार सिंह (22) पुत्र राजेश सिंह, पता-गांधी रोड, नए बस स्टैंड के पास, थाना -प्लांटसाइट, जिला-सुंदरगढ़।

(6) भबेश राज चौधरी (20) पुत्र- सुनील चौधरी, गांधी रोड, नए बस स्टैंड के पास, पीएस-प्लांटसाइट, जिला- सुंदरगढ़।

कुतरा थाना में दर्ज मामला संख्या 34/25:-

अभियुक्त (1), (2), (3) एवं (4) और
(5) शंभु महतो (42) पुत्र-गजेंद्र महतो, गांव-जलडेगा, थाना- बानो, जिला-सिमडेगा, झारखंड, ग्राम-जलडेगा, थाना- केंदुमुंडी, थाना- रायबोगा, जिला- सुंदरगढ़, वर्तमान में कुतरा थाना, जिला- सुंदरगढ़ के अंतर्गत कुतरा में एक किराए के मकान में रह रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियो से पुलिस द्वारा 

1. एक इनोवा वाहन जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर ओडी-23-9113 है (यह वह वाहन है जिसके अंदर मृतक की हत्या की गई थी) आरोपी मोनाज दास के घर के पास से जब्त किया गया। इसके अलावे

2. एक चापड़ (चाकू) - अपराध का हथियार, छिपाने के स्थान अर्थात ब्राह्मणी नदी से जब्त किया गयाय

3. अपराध का एक चाकू-हथियार छुपाने के स्थान यानी ब्राह्मणी नदी से जब्त किया गया

4. मृतक महिला का रियलमी कंपनी का एक मोबाइल फोन, छिपाने के स्थान अर्थात डीएवी तालाब, बसंती कॉलोनी, राउरकेला के पास से जब्त किया गया।

5. आरोपी महिला राधा स्वैन (मृतक महिला की छोटी बहन) के घर से अपराध में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन सहित तीन सिम कार्ड जब्त किए गए।

6. मृतक बिनोद दारुका की क्रेटा गाड़ी

7. बिनोद दारुका के दो मोबाइल फोन

इस पूरी कार्यवाही को एक विशेष पुलिस टीम द्वारा अंजाम दिया गया जिसमें- 

I. अपर पुलिस अधीक्षक प्रभा शंकर नायक, राउरकेला,

II.  सोनाली सिंह परमार,भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस),उपखंड़ पुलिस अधिकारी बोनाई,

III. विभूति भूषण भोई,उपखंड़ पुलिस अधिकारी राजगांगपुर

iv. सबिता पात्रा,थाना प्रभारी निरीक्षक चांदीपोष थाना, 

 V. राजेंद्र स्वैन,थाना प्रभारी निरीक्षक रघुनाथ पल्ली थाना। 

vi. मनोरंजन बिसी,थाना प्रभारी निरीक्षक कुतरा थाना, सुंदरगढ़,

Vii.चांदीपोष थाने के अवर निरीक्षक सिद्धार्थ प्रधान,

viii.गुरुंडिया थाने के अवर निरीक्षक हृषिकेश प्रधान

ix. ब्राह्मणी तरंग थाना के अवर निरीक्षक उदय कुमार साहू

X. प्लांटसाइट थाना के अवर निरीक्षक दिपुन कुमार दलाई

xi. पुलिस मुख्यालय , राउरकेला के अवर निरीक्षक संपद मोहंती

xii. रघुनाथ पल्ली थाना के अवर निरीक्षक एस कंसराली, 

xiii. छेंड़ थाना के अवर निरीक्षक,ओम प्रकाश 

xiv. ब्राह्मणी तरंग थाना के अवर निरीक्षक हरिप्रिया माझी,  

xv.कुतरा थाना के अवर निरीक्षक आशुतोष महांती 

xvi.रघुनाथ पल्ली थाना के अतिरिक्त उप निरीक्षक सुषमा, 

xvii. रघुनाथ पल्ली थाना के अतिरिक्त उप निरीक्षक वशिष्ठ नायक, 

xviii.रघुनाथ पल्ली थाना के हवलदार हैदर मोहम्मद, मुख्य रूप से शामिल थे।
इसके अलावा उपखंड पुलिस अधिकारी अम्बित मोहंती ने भी साक्ष्य जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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