दूसरी जाति में विवाह करने पर सामाजिक वहिष्कार

दूसरी जाति में विवाह करने पर सामाजिक वहिष्कार

भारत में जाति प्रथा आदीकाल से चलता आ रहा है। इस प्रथा को बनाए रखने के लिए विभिन्न जातीयो के बीच सामाजिक रीति रिवाज, सामाजिक व्यवस्था बनाए गए है, जिसका उलंघन करने वाले को सामाजिक रूप से दंडित भी किया जाता है। 
ऐसी ही एक घटना राउरकेला शहर के निकट स्थित नयाडेरा अंचल में देखने को मिली, जहाँ तामडिया भूमिज मुंडा़ समाज की एक युवती ने दूसरे जाति के युवक से विवाह रचा लिया। 
इसपर समाज के लोगों ने एक सार्वजनिक सामाजिक बैठक कर उक्त युवती के परिवार का सामाजिक वहिस्कार कर दिया। 

क्या होता है सामाजिक वहिष्कार

संबंधित समाज और जाति के लोग उस परिवार से बोलचाल बंद कर देते है। 

उस परिवार के शुभ अशुभ कार्यो सामिल नहीं होते,उस परिवार को अकेला छोड़ दिया जाता है। 

उस परिवार से संबंधी,मित्र सभी भी रिश्ते तोड़ लेते है। 

उस परिवार को किसी भी तरह से सामाजिक मदद नहीं पहुँचाया जाता।