तालचर में ठप पड़ी पेयजल परियोजनाएं
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
जिला खनिज कोष की राशी से निर्मित पेयजल परियोजना अचल, जिला खनिज कोष की राशी व्यर्थ।
तालचेर ओडिशा के सबसे गर्म शहरों में से एक माना जाता है।
जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तालचेर नगर पालिका में छह स्थानों पर शीतल पेयजल परियोजनाएं स्थापित की हैं। लेकिन अब ये सभी परियोजनाएं ठप पड़ी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जिला खनन कोष ने तालचेर टाउन हंडीधुआ, हटोटा, तहसील कार्यालय, तालचेर कॉलेज, बस स्टैंड, रामचंद्र मार्केट बांध के पास, बड़बाजार गुंडीचामंदिर, तालचर थाना, तालचेर नगर पालिका, परिषद् मे पानीय जल के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए है।
ये सभी ठंडे पेयजल परियोजनाएं तालचेर शहर में मुख्य सड़क के किनारे स्थित हैं। और अब ये परियोजनाएं लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायत के बाद भी किसी ने नहीं सुनी। नतीजतन, राहगीर और स्थानीय निवासी काफी संकट में हैं। ऐसा अनुमान है कि नगर पालिका रखरखाव पर लगभग 30,000 रुपये प्रति वर्ष खर्च करती है। रश्मिरेखा, उप जिलाधिकारी विश्वरंजन रथ, तहसीलदार मनमथ नायक, जनहित विभाग के अभियंता एवं स्थानीय विधायक ब्रजकिशोर प्रधान, स्थानीय सांसद महेश साहू एवं नवनिर्वाचित महापौर पबित्रा भूटिया एवं नवनिर्वाचित विधायक का इन रास्तों से होकर रोजाना आना जाना हैं,परन्तू इस समस्या की ओर किसी का ध्यान ना जाना कई प्रश्नों को जन्म दे रहा है।





