जुएल ओराम के दो फर्जी रतनों को लेकर स्तिफे की मांग तेज

जुएल ओराम के दो फर्जी रतनों को लेकर स्तिफे की मांग तेज

राउरकेला से प्रकाशित होने वाली खबरें इन दिनों जुएल ओराम और उनके दो फर्जी कार्यकर्ता प्रकाश पासवान और खुशबू यादव के इर्दगिर्द घूम रही है।

खबरों का सिलसिला शुरू हुआ सर्किट हाउस प्रकरण से जहां के कमरा संख्या 107 से हथियारों के साथ सात युवक पकड़े गए। कलांतर में दो और लोग पकडे़ गए । इस पूरे प्रकरण में प्रकाश पासवान का नाम सुर्खियों में रहा और इन्हें सर्किट हाउस प्रकरण का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। जिसे राउरकेला की पुलिस सरगर्मी से तलाश रही थी और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। विश्वसनीय सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार प्रकाश पासवान को बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है और राउरकेला लाया जा रहा है। 

प्रकाश पासवान जो खुद को केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ओराम का प्रतिनिधि बता रहा था, और पूरे शहर में यह चर्चा थी की उसे राउरकेला नगर निगम से संबंधित कार्यो का जिम्मा सौंपा गया है। केन्द्रीय मन्त्री जुएल ओराम ने भी सोशलमीडिया में एक पोस्ट डालकर कहा है कि वह, उनका, राउरकेला नगर निगम प्रतिनिधि है।  पर राउरकेला नगर निगम ने इसका खंडन किया है। राउरकेला नगर निगम द्वारा एक आरटीआई के जबाब पत्र संख्या 396 , दिनांक 13 जनवरी सन् 2026 में, यह साफ कहा है कि उनके पास ऐसी कोई दास्तावेज मौजुद नहीं है कि प्रकाश पासवान केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का प्रतिनिधि है। 

दूसरी ओर खुशबू यादव‌ का मामला भी मिडीया की सुर्खियां बनी हुई है। खुशबू यादव जो जुएल ओराम के काफी नजदीक है, जिसकी जीवनशैली में झलकता है। कई व्यक्तियों द्वारा खुशबू यादव को करोड़ों की संपत्ति की मालकिन होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन आय का स्रोत क्या है, यह किसी को पता नहीं। खुशबू यादव जो स्वयं को केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम की अतिरिक्त नीजी सचिव बता रही है।खुशबू यादव जिसकी कई पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिसमें वह , चार्टर प्लेन, फार्च्यूनर कार, भारतीय वायु सेना के चौपर जैसी साही सवारी का लुत्फ़ उठा रही है, प्रशासनिक‌ अधिकारियों का क्लास लेती है, और अन्य केन्द्रीय मंत्रीयो के साथ मिटिंग सिटींग में व्यस्त रहती है और जुएल ओराम के साथ हमेशा साए की तरह रहती है, वो भी जुएल ओराम की फर्जी अतिरिक्त नीजी सचिव‌ निकली। जुएल ओराम ने स्वयं शोसल मिडिया में पोस्ट कर इसकी जानकारी‌ दी है, कि खुशबू यादव उनकी अतिरिक्त नीजी सचिव नहीं है,और ना ही कर्मचारी है। जुएल ओराम ने अपने पोस्ट पर यह भी लिखा है कि,उसकी इच्छा थी कि खुशबू यादव उनका अतिरिक्त नीजी सचिव बने पर ऐसा हो ना सका। जुएल ओराम ने अपनी पोस्ट में यह कहा है कि खुशबू यादव उसकी जिला प्रतिनिधि है। 

जुएल ओराम की इस पोस्ट पर लोगो के बीच तरह तरह की चर्चा सूनने को मिल रही है, जैसे कि,यदी ऐसा है तो जुएल ओराम यह भी बताए की उसकी नियुक्ति किस आधार पर, कब, और किस मामलों के लिए और किसके द्वारा‌ किया गया था। और उनका नियुक्ति पत्र सार्वजनिक करे। यह भी सार्वजनिक करे कि खुशबू यादव का वेतन कितना है और उसे नियुक्ति के दिन से क्या क्या सुबिधाएं दी गई। खुशबू यादव द्वारा भोग की गई सुविधाओं में कितना खर्च हुआ और यह खर्च किसके द्वारा वहन किया गया। खुशबू यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा खरीदी गई और बनाई गई चल अचल संपत्ति का व्योरा और आय का स्रोत भी सार्वजनिक करे। 

क्योंकि अबतक जो खबरें सामने आ रही है उसके मुताबिक,जुएल ओराम के कथाकथित राउरकेला नगर निगम प्रतिनिधि प्रकाश पासवान और अतिरिक्त निजी सचिव खुशबू यादव दोनों के पद फर्जी साबित हुए है। और अब राउरकेला में जुएल ओराम के स्तिफे की मांग तेज होने लगी है।