जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद सक्रिय हुआ कोयलासरी
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर के घंटापाड़ा ग्रामछायात में ग्लोबल कोलवासरी को लेकर 4 दिनों तक चलने वाले घंटापाड़ा चौक के दो गुटों के बीच विवाद समाप्त हो गया है। आज घंटपाड़ा ग्राम समिति के सहयोग से ग्राम समितियों ने गांव के युवाओं, गांव की महिलाओं, के हितों और शांति बहाली के लिए सहयोग किया, इस बाबत एक शांति पत्र दिया गया जिला कलेक्टर सिद्धार्थाश के भाई को। जिलाधिकारी ने समाधान निकालने के लिए दोनों गुटों को आज दोपहर जिला कार्यालय बुलाया। बैठक के बीच में विधायकों की मौजूदगी में दोनों गुटों के बीच मामूली कहासुनी हो गई। प्रदुषण के मुद्दे को लेकर चल रही विवाद को नियंत्रित करने के लिए कोलवासरी नए ज्ञान और तकनीक लाएगी, विस्थापित हुए युवक-युवतियों को वापस कार्यबल में लाया जाएगा, गांवों को धूल और धुएं से आंशिक रूप से मुक्त किया जाएगा।
कमेटियों के मुताबिक प्लांट के असमय बंद होने का दर्द घंटपाडा़ शरणार्थियों से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता। ऑरिकैंप, एफसीआई, टीटीपीएस रेलवे साइडिंग में काम करने के दौरान, रिट्रीट के कई युवा वहां अपने परिवारों का समर्थन करने के लिए कार्यरत थे। प्लांट अचानक बंद होने से कई लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी और बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जायगा। बताया जाता है कि दोनों गुटों और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के माध्यम से शांति समिति के निर्णय के बाद वैश्विक जल कोलवासरी आज से फिर से चालू हो गयी है।





