जिलाअधिकारी की पत्नी का प्रशंसनीय कार्य

सुन्दरगढ़ के जिला अधिकारी निखिल पवन कल्याण कि पत्नी का स्वयं आकर सरकारी अस्पताल में जांच कराये जानी की हो रही प्रसंशा,

 जिलाअधिकारी की पत्नी का प्रशंसनीय कार्य

सत्ता का ऐसा अभिमान जहाँ सरपंच स्तर के प्रशासन से जुडे़ लोग भी महंगे और चकाचौध कर देने वाली नीजी अस्पतालो में अपना इलाज कराना शान समझते है,वहाँ एक जिलाअधिकारी की पत्नी अपने जिला के साधारण गर्भवती महिलाओ के साथ सरकारी अस्पताल में जाकर अपना अल्ट्रासाउंड़ करवाती है यह उस जिले के लोगो के लिए एक प्रेरणा दायक संदेश है। 
क्योकि एक जिलापाल चाहे तो परिवार के किसी भी सदस्य के लिए चिकित्सको की पूरी टीम को अपने आवास में बुला कर अपनी जाँच करवा सकता है।
पर सुंदरगढ़ जिला के जिलाअधिकारी  निखिल पवन कल्याण की पत्नी स्वयं चलकर सरकारी अस्पताल जाकर अपनी जाँच करवाती है तो इससे पता चलता है कि उन्हे अपने जिला के लोगो के प्रती कितनी फिक्र है।
जिलापाल की पत्नी सिर्फ आधे घण्टे में चिकित्सको से सलाह लेने के साथ अल्ट्रासाउंड करा कर अस्पताल से चली गई, ताकि अल्ट्रासाउंड के लिए आई और महिलाओ को तकलिफ ना हो।जबकी एक गर्भवती को अल्ट्रासाउंड़ के साथ अन्य जाँच करने सलाह,दवा वगैर देने मे इससे ज्यादा समय लगता है।
जिलाअधिकारी  की पत्नी का परिक्षण कराने के बाद अस्पताल में ना रुकना भी उनके उत्तम व्यक्तित्व को दर्शाता है।
क्योकि अगर वो ज्यादा देर तक रूकती तो अस्पताल के सभी कर्मचारी व मरीज उनसे बाते करने लगते,उनकी आवभगत में लग जाते जिससे अस्पताल मे आए अन्य मरिजो को भी इलाज के लिए देर होती।
शायद इन सब बातो को ध्यान मे रखकर ही जिलापाल की पत्नी ने चिकित्सक को अपने आवास में ना बुला कर स्वयं चलकर  एक सरकारी अस्पताल में जाकर मात्र आधे घण्टे में अपना अल्ट्राशाउंड़ व अन्य जाँच करवा कर अस्पताल से निकल गई।
व्यक्तितव के धनी जिलाअधिकारी निखिल पवन कल्याण अपने नाम की तरह ही जिले में लोगो के लिए कल्याणकारी योजनाओ को लाने के लिए जाने जाते है ।
वैसे ही उनकी पत्नी भी व्यक्तित्व की धनी निकली । जिले के बुद्धजिवियो में इस बात की चर्चा है कि जिलाअधिकारी की पत्नी का यह व्यौवहार  प्रशंसनीय है।