क्या है थल सेना दिवस
नितिन सिन्हा (संपादक - खबरसार)
मानवीय क्षमताओं की अद्भुत पराकाष्ठा,बेजोड़ सामर्थ्य,अतुलनीय शौर्य,जीवन पर्यंत निस्वार्थ देश सेवा की भावनाओ के साथ हर तरह की आपदाओं में देवदूत की तरह सहयोगी,विश्व शांति के रक्षक,अदम्य साहसी भारतीय सेना के "थल सेना दिवस" की हार्दिक- शुभकामनाएं......
भारतीय सेना के लिए यह दो पंक्तियां हमेशा से विख्यात रही है,कि "लोग कहते है जब भी हम बड़ी मुसीबत में होते है तो सिर्फ दो नाम ही हमारे मुंह पर आते है"...
पहला.. भगवान का *जिसे हमने कभी देखा नही,पर नाम हर छोटी-बडी तकलीफ में याद आता है।
दूसरा.. भारतीय-सेना का *"जो देश की सुरक्षा के अलावा प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से हर तरह की विकट समस्याओं (आपदाओं)में देवदूत की तरह हमारे साथ खड़ी होती है...
क्या है थल सेना दिवस...
देश में हर साल 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है। आज ही के दिन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे। फील्ड मार्शल केएम करियप्पा भारतीय आर्मी के पहले कमांडर इन चीफ बने थे।
करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में हर साल यह दिन मनाया जाता है। करियप्पा पहले ऐसे ऑफिसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल की रैंक दी गई थी। *आर्मी डे(सेना दिवस)के दिन पूरा देश थल सेना के अदम्य साहस,उसकी वीरता,शौर्य और उसकी कुर्बानी को कृतज्ञता से याद करता है।।* दूसरे शब्दों में सेना दिवस के माध्यम से आज के दिन आम और खास भारतीय अपने देश की महान सेना की निःस्वार्थ सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त करता है।।
आइये जाने फील्ड मार्शल करियप्पा जी के विषय मे....
1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे फील्ड मार्शल करिअप्पा ने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी शुरू की थी।
- करिअप्पा ने वर्ष 1947 के भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर सेना का नेतृत्व किया था।
- भारत-पाक आजादी के वक्त उन्हें दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
- वर्ष 1953 में करिअप्पा सेना से रिटायर हो गए थे।
- भारतीय सेना में फील्ड मार्शल का पद सर्वोच्च होता है। ये पद सम्मान स्वरूप दिया जाता है। भारतीय इतिहास में अभी तक यह रैंक सिर्फ दो अधिकारियों को दिया गया है। देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ हैं। उन्हें जनवरी 1973 में राष्ट्रपति ने फील्ड मार्शल पद से सम्मानित किया था। एम करिअप्पा देश के दूसरे फील्ड मार्शल थे। उन्हें 1986 में फील्ड मार्शल बनाया गया था।
भारतीय सेना की संरचना.....
भारतीय सेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। *भारत में कुल 1.4 मिलियन सक्रिय सेना और 11.55 आरक्षित बल हैं, साथ ही 20 लाख अर्धसैनिक बल हैं।
– देश के 80% सक्रिय रक्षा कर्मियों की तुलना में,भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वयंसेवी सेना है।
– भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़ी योगदान कर्ता सेना रही है। हमारी सेना ने *ऑपरेशन ब्रास्टैक्स और एक्सरसाइज शूरवीर जैसे बड़े शांति-काल के अभ्यास किए हैं।*
– भारतीय सेना दुनिया में उन गिनती की सेनाओं मे शामिल है,जिसने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की परंतु हर युद्ध को अपने सामर्थ्य के बल पर जीता है।
_ संख्या बल के आधार पर दुनिया की दूसरी बड़ी भारतीय सेना में सिख, गढ़वाल,कुमाऊं, जाट,महार, गोरखा, मराठा, नागा और राजपूत समेत 31 रेजिमेंट और कुल 25 लाख सैनिक है। इसके बावजूद हमारी सेना आजादी के बाद से ही एक परिवार की तरह काम करती रही है।





