क्या कानून व्यवस्था से बढ़कर है राजनैतिक व्यक्तित्व

क्या कानून व्यवस्था से बढ़कर है राजनैतिक व्यक्तित्व

हरहर शम्भू चौधरी (मुख्य संपादक) 

सुंदरगढ़ शहर में हॉकी विश्व कप ट्रॉफी समारोह के दौरान बीजद नेताओं व कार्यकर्ताओं और प्रशासनीक अधिकारीयो के बीच हुई झड़प जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। 
हॉकी विश्व कप ट्रॉफी की शोभायात्रा राउरकेला से निकलकर जिले के विभिन्न हिस्सों से होते हुए बीते कल दोपहर में सुंदरगढ़ शहर पहुंचा। 
जहां इस जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया गया,वहीं बेयोनिका चौक के पास ट्रक पर चढ़कर हाकी विश्व कप ट्राफी के साथ कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्तमान तनुआ बीजद नेता योगेश सिंह और प्रफुल्ल मांझी ने विश्व कप से संबंधित नारे लगाना शुरू कर दिया और ट्रक में चढ़कर ट्राफी के साथ सेल्फी लेने लगा,जबकी ट्रक में किसी के चढ़ने की मनाही थी। यह देख जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक (पीडी डीआरडीए अधिकारी) ने चिल्लाकर कहा कि ये कौन हैं इन्हें यहां से तुरंत बाहर निकालो। दोनों नेताओं श्री सिंह और श्री मांझी को उनका हाथ पकड़कर डीआरडीए अधिकारी के निर्देश पर ट्रक से नीचे उतारा गया।  इतनी सी बात पर दोनों नेताओं ने अपना रसूख दिखाते हुए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक (पीडी डीआरडीए) से पूछा, ''क्या आप हमें नहीं पहचानते?''  इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी इसकदर बढ़ गई की बीजेडी कार्यकर्ताओं, नेताओं और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के बीच धक्का-मुक्की होने लगी ।  इसी बीच जब जिलाधिकारी वहां पहुंचे तो  जिला ग्रामीण विकास अभिकरण परियोजना निदेशक के विरोधीयो ने जिला अधिकारी के शर्ट का कॉलर पकड़कर उन्हें खींच लिया।  नतीजतन, स्थिति बद से बदतर होती गई। 

स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए  पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने जिलाधिकारी की शर्ट का कॉलर पकडने और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण परियोजना निदेशक को धक्का देने की घटना को अंजाम के मामले में दो युवकों से पूछताछ शुरू कर दी।

राउरकेला की मेजबानी में हाकी विश्व कप होने से जिले का मान बढा है ।ऐसे वक्त में राजनैतिक नेताओ और कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशासनिक अधिकारीयो के साथ इस तरह का अभद्र व्यवहार करना चन्द्रमा में दाग होना जैसे है। 
दूसरी तरफ बीजद नेता प्रफुल्ल मांझी का कहना है कि "ऐसा मेरे जीवन में पहली बार हुआ है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि प्रशासनिमक सेवा में ऐसे अधिकारी होते हैं।  सुंदरगढ़ जिला एक आदिवासी बहुल  जिला है, हॉकी विश्व कप की मेजबानी हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  हम हर दिन नृत्य संगीत के साथ इसका स्वागत करते हैं।  हम बहुत खुश थे कि हॉकी के विश्व कप का प्रतीक यह ट्रॉफी आज इस शहर में आई। प्रशासनिक अधिकारियों के इस तरह के व्यवहार से हमें परेशानी हुई है।

यहाँ प्रश्न उठना लाज़मी होगा कि क्या कानून व्यवस्था से बढ़कर है राजनैतिक नेता एवं कार्यकर्ता?