क्या हम आज़ाद है - रामप्रवेश चौधरी

क्या हम आज़ाद है - रामप्रवेश चौधरी

आज हम हमारा देश भारत वर्ष के स्वतंत्रता का 75वाँ वर्षगाँठ मना रहे है,पर क्या आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी हम पुर्ण रूप से आज़ाद है |

पत्रकार राम प्रवेश चौधरी की कलम से  

आज हम हमारे देश भारत वर्ष का 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं , यहां प्रश्न यह उठता है कि क्या हम आज़ादी के 75वें वर्ष में पहुँच कर भी पूर्ण रूप से आज़ाद है | 1950 से लागू हुई संविधान के अनुसार उसके अधीन भारत के नागरिकों को पूर्ण आजादी मिल गई है क्या ? आज तक देश में आजादी के बाद लोगों को जो सुविधा संविधान के अनुसार मिलना चाहिए मिल रहा है ? ऐसे ही अनेक तरह के सवालों के घेरे में हम हैं | एक पत्रकार होने के नाते मै आज पूरे 130 करोड़ भारतियों की ओर से यह जानना चाहूँगा कि 

आवाज की ओर से एक पत्रकार होने के नाते यह जानना चाह रहा हूं की

हमें जो आजादी हमारे संविधान के अनुसार दिया गया है वह सभी को मिल रहा है क्या, इसके बाद हम किस ओर जा रहे हैं यह प्रश्न भी मन में बार बार उठता है,आज पूरे भारत को विश्व मानचित्र में एक अलग पहचान मिला है, लेकिन भारत के नागरिकों को क्या पूर्ण आजादी का एहसास हो रहा है |

क्या अनेक तरह के सवालों में भारत के नागरिक आज भी पूर्ण आजादी की ओर नहीं है ऐसे में देश के सभी राजनीतिक दलों का कर्तव्य बनता है कि

आखिर ऐसी क्या वजह है कि 75 साल बाद भी भारत के नागरिकों को पूर्ण आजादी का एहसास नहीं हो पाया | इसमें इस देश के नागरिकों की भूल है या इनके द्वारा चुने गए राजनीतिक दलों का ,आज भी पत्रकार इस प्रश्न का उत्तर ढूँढ़ रहा है , कि हम पूर्ण आजादी की ओर कब अग्रसर होंगे | यह तो समय ही बताएगा फिलहाल पूरा देश 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है लेकिन आज हमारे देश के आधे से अधिक नागरिक शिक्षित हो चुके है, फिर भी अपनी पूर्ण नागरिकता को प्राप्त नहीं कर पाए हैं | हम जानना चाहेंगे कि संपूर्ण नागरिकता प्राप्त करने में हमे और कितना वक़्त लगेगा | या यूं ही राजनीतिक दल हमें गोल गोल घुमाते रहेंगे,ऐसे ही अनेक तरह के प्रश्नं देश के जागरूक नागरिकों के मन में उठ रही है |

एक पत्रकार होने के नाते अपने कलम को विराम देने से पहले सभी देश वासियों को यही सन्देश देना चाहूँगा कि देश कि जनता जागे और सही लोंगों के हाथ में देश का कमान दे |        

                                                                                                                                                 : जय हिंद जय भारत :