एक पेड़ माँ के नाम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय उत्तर प्रदेश तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बस्ती के निर्देशन में पर्यावरण दिवस के अवसर पर " एक पेड़ मां के नाम 2.0 " राष्ट्र व्यापी अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय चमरहिया हर्रैया बस्ती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर्रैया के जिला पर्यावरण प्रमुख रोहित त्रिपाठी, हर्रैया खंड के सह संघचालक डॉ विनोद कुमार शुक्ल तथा प्रधानाध्यापिका भारती शुक्ला ने नीम का वृक्ष लगाया। इस अवसर पर रोहित त्रिपाठी ने कहा कि भारत की वैदिक संस्कृति की परंपरा पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली का संदेश देती है। भारतीय ऋषियों ने अपने चिंतन और साधना से पेड़ पौधे, नदी, पर्वत,आकाश, पृथ्वी,जल, वायु के महत्व को अनुभव कर देवी और देवता के रूप में स्थापित किया था। संपूर्ण विश्व पृथ्वी पर जीवन को बचाने के लिए भारतीय जीवन दर्शन को अपनाने के लिए अग्रसर है। डॉ विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ सुंदर और भरा रखने के लिए प्राथमिक शिक्षा से ही पर्यावरण शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है। पेड़ पौधे, नदी,जल, पर्वत, मृदा, वायु के प्रति सम्मान का भाव तथा उनके महत्व को समझते हुए संरक्षण की भावना पैदा करने की आवश्यकता है। प्रधानाध्यापिका भारती शुक्ला ने कहा कि प्लास्टिक कचरे, पालिथीन को प्रयोग से बाहर कर जैविक पदार्थ को उपयोग में लाया जा सकता है। कूड़ा प्रबंधन की शिक्षा बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में दिया जाए। पालिथीन ,पुनः उपयोग में आने वाले प्लास्टिक कचरे, लोहा आदि धातुओं के कचरे और जैविक पदार्थ के कचरे को अलग अलग रख कर निस्तारण किया जा सकता है। सड़क, रेलवे की पटरियों, सड़कों सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक की बोतल, पालिथीन, रैपर्स, खाद्यान्न आदि नहीं फेंकना चाहिए। धरती मां हमें अन्न और फल तथा औषधि देती हैं। मृदा प्रदूषण को रोक कर मृदा सुपोषण करने के लिए प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को अपनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर रसोइया उर्मिला कौशिल्या, अभिभावकों में रेनू और बच्चे उपस्थित थे।





