अम्रित कौर के हस्तक्षेप से महिला को मिली न्याय
हरहर शम्भू (मुख्य संपादक)
महिला थाने में आई शिकायत क्राईम चेक आर्गानाईजेसन की महिला टीम की अध्यक्षा की हस्तक्षेप से महिला को मिली न्याय पति ने महिला थाना प्रभारी निरीक्षक सोमबारी हासदा के समक्ष क्राइमचेक आर्गानाइजेसन के सदस्यों को साक्षी मानकर महिला को फिर कभी परेशान ना करने और ससम्मान अपने पास रखने का लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद दोनो में सुलह हुई और राजी खुशी अपने घर चले गये।
पूरी घटना इस प्रकार है-दिलिप कुमार सिंह ने रीता नामक विधवा महिला से दूसरा व्याह रचाया था। जिसमें उसकी पहली पत्नी भी राजी थी। पर जबसे दिलिप की पहली पत्नी की नौकरी लग लगी है तब से पहली पत्नी के इशारे पर दिलिप अपनी दूसरी के ऊपर अत्याचार शुरू कर दिया ताकि वह उसकी जिन्दगी से चली जाए। रीता अपने को असहाय महसूस कर महिला थाने में शिकायत कर दी।इस मामले में रीता को समर्थन देने क्राइम चेक आर्गानाईजेसन की महिला टीम की अध्यक्षा भी थाने में आ गई । जिससे दिलिप कुमार सिंह पर मुकदमा दर्ज होने के डर से उसने अपनी पत्नी के साथ समझौता किया और उसे अपने साथ लेकर थाने से अपने घर चला गया।
इस मामले को सुलझा कर रीता का घर बचाने में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक सोमबारी हादसा, क्राइमचेक आर्गानाइजेसन की अध्यक्षा अम्रित कौर, जूलु रहमान खान, सुखदेव पंडा़, रूकसाना बेगम, लखन लोहार, जाबीर मोहम्मद, कलवंत कौर की अहम भूमिका रही है।





